

जशपुर/कोतबा।
कोतबा से बागबहार तक बनने वाली लगभग 13 किलोमीटर लंबी सड़क का निर्माण कार्य शुरू हो चुका है, जिसके लिए करीब 40 करोड़ रुपये की स्वीकृति मिली है। संबंधित एजेंसी द्वारा कार्य प्रारंभ कर दिया गया है, लेकिन निर्माण की गुणवत्ता और प्रक्रिया को लेकर अब सवाल उठने लगे हैं।
बताया जा रहा है कि रिहायशी क्षेत्रों को छोड़कर अन्य स्थानों पर सड़क निर्माण का काम शुरू किया गया है, जहां फिलहाल मिट्टी और मुरूम डालकर पिंच लेवल का कार्य किया जा रहा है। हालांकि, इस दौरान पानी का छिड़काव नहीं किए जाने से सड़क पर धूल का गुबार उड़ रहा है, जिससे राहगीरों और स्थानीय लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
रिहायशी इलाकों में खराब सड़कों की मरम्मत के नाम पर मिट्टी-मुरूम डालकर छोड़ दिया गया है, जिससे समस्या और बढ़ गई है। बिना समतलीकरण और रोलिंग के डाली गई मुरूम के कारण सड़क उबड़-खाबड़ हो गई है। दोपहिया वाहन चालकों के लिए यह स्थिति खतरनाक साबित हो रही है, जहां फिसलने और दुर्घटना का खतरा बना हुआ है। वहीं चारपहिया वाहन चालकों को भी झटकों के कारण नुकसान की आशंका सता रही है।


स्थानीय दुकानदारों का कहना है कि उड़ती धूल के कारण उनका सामान खराब हो रहा है और ग्राहक भी कम हो गए हैं। वहीं, स्कूली बच्चों, बुजुर्गों और मरीजों को आवागमन में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
नगरवासियों ने आरोप लगाया है कि संबंधित विभाग द्वारा केवल औपचारिकता निभाते हुए काम किया गया है और इसके बाद कोई निगरानी या सुधार नहीं किया जा रहा। कई बार शिकायत के बावजूद जिम्मेदार अधिकारी इस ओर ध्यान नहीं दे रहे हैं, जिससे लोगों में आक्रोश बढ़ता जा रहा है।

मांग:
स्थानीय नागरिकों ने प्रशासन से मांग की है कि सड़क निर्माण कार्य को जल्द पूरा किया जाए। साथ ही, फिलहाल डाली गई मिट्टी-मुरूम को समतल कर नियमित पानी का छिड़काव कराया जाए, ताकि धूल और दुर्घटनाओं से राहत मिल सके।

