

रायगढ़, 4 अप्रैल। जिले में सूदखोरी कर ग्रामीणों को प्रताड़ित करने के मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। थाना साइबर और लैलूंगा पुलिस की संयुक्त टीम ने ग्राम भकुर्रा निवासी चूड़ामणि गुप्ता के विरुद्ध प्रकरण दर्ज कर उसे गिरफ्तार किया है। आरोपी के कब्जे से 8 मोटरसाइकिल एवं एक हिसाब-किताब का रजिस्टर बरामद किया गया है।
पुलिस से प्राप्त जानकारी के अनुसार आरोपी ग्रामीणों को 3 प्रतिशत मासिक ब्याज पर रकम उधार देता था। इसके एवज में वह उनकी मोटरसाइकिल, सोना-चांदी एवं अन्य कीमती सामान गिरवी रखता था। बाद में मूलधन एवं ब्याज की वसूली के लिए ग्रामीणों पर दबाव बनाकर उन्हें प्रताड़ित करता था।
🔎 जांच के दौरान हुआ खुलासा
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह के निर्देशन में जिले में चोरी की मोटरसाइकिलों की जांच के दौरान पुलिस को सूचना मिली कि चूड़ामणि गुप्ता के पास कई वाहन रखे हुए हैं। इस पर साइबर थाना एवं लैलूंगा पुलिस की टीम ने संयुक्त रूप से दबिश देकर आरोपी को हिरासत में लिया। तलाशी के दौरान उसके पास से 8 मोटरसाइकिल और एक रजिस्टर बरामद हुआ, जिसमें गिरवी रखे गए सामानों का लेखा-जोखा दर्ज था। पूछताछ में आरोपी ने सूदखोरी का कार्य करना स्वीकार किया।
👨🌾 पीड़ित किसान ने दर्ज कराई शिकायत
ग्राम भकुर्रा निवासी रामप्रसाद रतिया (55 वर्ष) ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि खेती-किसानी में नुकसान के कारण उसने 9 सितंबर 2024 को आरोपी से ₹12,000 उधार लिए थे। इसके बदले उसने अपनी बजाज CT 100 मोटरसाइकिल (CG-13-Y-0279) गिरवी रखी थी।
पीड़ित ने बताया कि वह कई महीनों तक ब्याज चुकाता रहा, इसके बावजूद आरोपी लगातार मूलधन और ब्याज की वसूली के लिए उसे गांव और खेतों तक जाकर परेशान करता था। उसने यह भी बताया कि गांव के अन्य लोग भी इसी प्रकार सूदखोरी का शिकार हुए हैं।
⚖️ कर्जा एक्ट के तहत कार्रवाई
शिकायत के आधार पर पुलिस ने आरोपी के विरुद्ध छत्तीसगढ़ ऋणियों के संरक्षण अधिनियम की धारा 4 के तहत अपराध पंजीबद्ध किया है। मामले में आगे की विवेचना जारी है।
👮♂️ पुलिस टीम की रही अहम भूमिका
इस कार्रवाई में थाना साइबर प्रभारी निरीक्षक विजय चेलक, लैलूंगा थाना प्रभारी उपनिरीक्षक गिरधारी साव सहित पुलिस टीम के अन्य अधिकारियों एवं जवानों की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
📢 एसएसपी की अपील
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह ने नागरिकों से अपील करते हुए कहा कि वे केवल बैंक एवं अधिकृत वित्तीय संस्थानों से ही ऋण लें। सूदखोरी कर लोगों का शोषण करने वालों के विरुद्ध पुलिस द्वारा सख्त वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।


